Old Pension Scheme 2023: कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने पुरानी पेंशन योजना की शुरुआत करी है।

5/5 - (3 votes)
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Old Pension Scheme: झारखंड राज्य की सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को आर्थिक मदद प्रदान करने के उद्देश्य से पुरानी पेंशन योजना की शुरुआत की है, इसीलिए तुम्हें हम योजना से संबंधित वित्तीय प्रावधानों एवं विशेष फंड विवरण की जानकारी प्राप्त करेंगे।

Old Pension Scheme 2023, पुरानी पेंशन योजना
Old Pension Scheme 2023

पुरानी पेंशन योजना की शुरुआत क्यों की गई?

अपने कर्मचारियों को पर्याप्त लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से झारखंड सरकार ने कुछ ही समय पहले पुरानी पेंशन योजना को शुरू किया है, कर्मचारियों के मौजूदा आर्थिक दबाव को देखते हुए राज्य सरकार के द्वारा एक समर्पित पेंशन कोष को स्थापित करने के लिए एक बहुत ही सफल कदम उठाया गया है, भारतीय रिजर्व बैंक के द्वारा प्रशासित किया जाने वाला, 10000 करोड रुपए की कुल जमा राशि वाला यह एक विशेष कोष है, सरकार के द्वारा वार्षिक रणनीति के तहत वर्ष 2023 में इस कोष के अंतर्गत लगभग 700 करोड रुपए के आवंटन हेतु योजना तैयार की गई है।

वित्तीय प्रावधान एवं बजट आवंटन

राज्य सरकार के द्वारा इस पहल की सफलता सुनिश्चित करने हेतु एक अलग से बजट तय किया गया है, ऐसे कर्मचारी जिनका नई पेंशन योजना के अंतर्गत नामांकन हुआ हो, एवं बाद में वे कर्मचारी सेनावृत हो जाते हैं, उन्हें इस विशेष पेंशन फंड से उनका पेंशन प्राप्त हो सकेगा।

जिस प्रकार सरकार अंशदाई पेंशन योजना मैं पैसे जमा करती है उसी प्रकार इस योजना में समर्पित खाते में पैसे जमा करेगी, पुरानी पेंशन योजना को शुरू करने से सरकारी वित्तीय खजाने पर किसी भी प्रकार का वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा,

ऐसा आश्वासन वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव जी के द्वारा दिया गया है, सरकार के बारे में बताया गया है कि एक विशेष प्रकार का कोष योजना तैयार किया जाएगा जिसमें प्रतिवर्ष 700 करोड रुपए जमा किए जाएंगे, इसके अलावा बड़े दिशा निर्देश का निर्माण कार्य पहले से ही चलाया जा रहा है।

पुरानी पेंशन योजना की विस्तृत जानकारी (Old Pension Scheme)

नवंबर 2022 से पहले झारखंड राज्य में पुरानी पेंशन योजना को लागू कर दिया गया था, योजना की शुरुआत के बाद केवल नियुक्त कर्मचारी इस योजना के पात्र थे, बाद में कर्मचारियों की मांगों पर ध्यान केंद्रित करते हुए सरकार द्वारा इस योजना को सभी के लिए लागू कर दिया गया, वर्तमान में राजकोष के द्वारा पुरानी पेंशन योजना को बनाए रखने तेरे लिए लगभग 8000 करोड़ रुपए प्रति वर्ष लगाया जाता है, हालांकि पुरानी पेंशन योजना का लाभ 70000 स्थाई राज्य के कर्मचारियों को प्राप्त हो रहा है,

इसके अलावा लगभग 125000 कर्मचारियों का नई पेंशन योजना से पुरानी पेंशन योजना में स्थानांतरण किया गया है, जिसके फल स्वरूप 30 करोड रुपए से वार्षिक पेंशन योजना का बोझ बढ़ जाएगा, कुल मिलाकर पेंशन एवं अन्य भत्ते को जोड़कर वार्षिक 175 करोड़ रुपए होगा।

भविष्य के निहितार्थ और राष्ट्रव्यापी हित (Future Implications and Nationwide Interests)

पुरानी पेंशन योजना जो कि झारखंड सरकार के द्वारा चलाई जा रही है, इस योजना ने अन्य राज्यों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है, इस योजना से आकर्षित होकर हिमांचल प्रदेश एवं पंजाब राज्य सहित अन्य राज्यों की सरकार ने अपने वित्त सचिवों को पुरानी पेंशन योजना झारखंड के कामकाज एवं व्यवस्थाओं के अध्ययन हेतु भेजा है, इसके अलावा अगले सप्ताह अंतर्दृष्टि प्राप्त करने एवं प्रक्रिया की विस्तृत रूप से जानकारी प्राप्त करने के लिए महाराष्ट्र राज्य के वित्त सचिव रांची का दौरा करने की योजना बना रहे हैं।

झारखंड राज्य सरकार के द्वारा चलाई जा रही पुरानी पेंशन योजना अपने कर्मचारियों का समर्थन एवं सम्मान देने की एक नई दिशा में सकारात्मक का प्रतीक दिखाई पड़ रहा है।

होम पेजक्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुपज्वाइन करें
टेलीग्राम ग्रुपज्वाइन करें

अन्य पढ़ें –

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Leave a Comment